Sunday, 28 March 2021

जवाब की खोज है सवाल है ज़िन्दगी

जवाब की खोज है सवाल है ज़िन्दगी 
हवाओं में दीप की मिसाल है ज़िन्दगी

हसीन-ओ-मसरूर यूँ तो दिखती है ख़्वाब में
मगर हक़ीक़त में इक मलाल है ज़िन्दगी

रहे सनम सामने जो मुस्कुराता हुआ
किसी ग़ज़ल का लगे जमाल है ज़िन्दगी

कभी ज़मीं पे रहे कभी फ़लक पे चले
उरूज है तो कभी ज़वाल है ज़िन्दगी

जो मुश्किलें भी पड़ें तो ये गुज़र जायेगी
हर एक सूरत में बा-कमाल है ज़िन्दगी

#अमित_सिंह 



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