है इश्क़ इलाज-ए-नफ़रत दुनिया से फ़ाज़िल कहता है
आसान नहीं पर ना-मुमकिन भी नहीं क़ाबिल कहता है
राह-ए-मुहब्बत आसान नहीं इस मुश्किल दुनिया में
दीवाने ही नहीं दीवानों का मुस्तकबिल कहता है
मिलेगा चैन-ओ-सुकून तुम को आगोश में हमारे
ग़मगीं मौज-ए-वफ़ा से उल्फ़त का साहिल कहता है
उल्फ़त में है तन्हाई रुस्वाई और जुदाई
उल्फ़त के दीवानों से उल्फ़त का हासिल कहता है
मिट जायेगा नाम-ओ-निशान-ए-उल्फ़त लाख कहो पर
आबाद रहेगी दुनिया-ए-मुहब्बत दिल कहता है
#अमित_अब्र
22 22 22 22 22 22 22=28
No comments:
Post a Comment