पूछिये 'अब्र' से कि क्या है इश्क़
दिल-ए-बीमार की शिफ़ा है इश्क़
मसअला देखने में है लेकिन
ख़ूबसूरत मुआमला है इश्क़
और ज़्यादा दलील क्या दें हम
दिल-ए-आशिक़ का मुद्दआ है इश्क़
हार कर भी न हारती उल्फ़त
एक हारे का हौसला है इश्क़
अर्श से फ़र्श तक हुआ ज़ाहिर
रब के मानिन्द याँ रहा है इश्क़
#अमित_अब्र
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