हँसी ये तुम्हारी
ख़ुशी है हमारी
वफ़ा की है ख़्वाहिश
रहे इश्क़ जारी
मुहब्बत की दुनिया
हसीं और प्यारी
बिना इश्क़ दुनिया
परेशान सारी
मुहब्बत शिफ़ा है
हो कोई बीमारी
हूँ बेज़ार तुम बिन
हुआ दिल भी भारी
मुहब्बत के दम से
अदावत है हारी
है क़िस्मत हमारी
है क़िस्मत की मारी
#अमित_अब्र
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