Thursday, 25 November 2021

हँसी ये तुम्हारी

हँसी ये तुम्हारी
ख़ुशी है हमारी


वफ़ा की है ख़्वाहिश
रहे इश्क़ जारी


मुहब्बत की दुनिया
हसीं और प्यारी


बिना इश्क़ दुनिया
परेशान सारी


मुहब्बत शिफ़ा है
हो कोई बीमारी


हूँ बेज़ार तुम बिन
हुआ दिल भी भारी


मुहब्बत के दम से
अदावत है हारी


है क़िस्मत हमारी
है क़िस्मत की मारी


#अमित_अब्र

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