Saturday, 29 October 2022

सौदा दिल का बुरा नहीं होता

सौदा दिल का बुरा नहीं होता

इश्क़ घाटा नफ़ा नहीं होता


इश्क़ ज़्यादा ज़रा नहीं होता 

इश्क़ होता है या नहीं होता 


बात कुछ तो है इश्क़ में वर्ना 

दिल किसी पे फ़िदा नहीं होता


वस्ल या हिज्र या ख़ुशी या ग़म

इश्क़ बे-माजरा नहीं होता


होता हर इश्क़ गर मुकम्मल तो

क़ैस यूँ ग़म-ज़दा नहीं होता


इश्क़ में जो मिला अगर तो फिर 

दर्द दिल से जुदा नहीं होता


हाल-ए-दिल होता है बुरा यारो

दिल किसी का बुरा नहीं होता


वो तो नाराज़ है बहुत लेकिन   

क्यूँ मैं उस से ख़फ़ा नहीं होता


मिलते वो हम से रोज़ हैं लेकिन 

मिलने सा वाक़िआ' नहीं होता

 

सब से मिलता है सब का हो कर वो

जाने क्यूँ बस मिरा नहीं होता


तोहमतें हुस्न पर हमेशा क्यूँ

इश्क़ क्या बे-वफ़ा नहीं होता


फ़र्क हम ने किया बहुत लेकिन 

इश्क़ रब से जुदा नहीं होता


-अमित सिंह 

05-07-2018

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