Saturday, 29 October 2022

कारवान-ए-ख़याल है ज़िन्दगी

कारवान-ए-ख़याल है ज़िन्दगी
इक उरूज-ओ-ज़वाल है ज़िन्दगी 

दम-ब-दम कुछ न कुछ है ये पूछती 
आदतन इक सवाल है ज़िन्दगी 

रंज भी रंज की शिफ़ा भी है ज़ीस्त 
लाज़िमन बा-कमाल है ज़िन्दगी

आशिकों की नज़र बयाँ है किए 
जान-ए-जाँ का जमाल है ज़िन्दगी

हाल-ए-दिल क्या कहें कि अब इश्क़ में
यार बिन इक मलाल है ज़िन्दगी 

हार कर बार बार है जीतती 
हौसलों की मिसाल है ज़िन्दगी

#अमित_अब्र

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