Saturday, 29 October 2022

हँसाना मुहब्बत रुलाना मुहब्बत

हँसाना मुहब्बत रुलाना मुहब्बत 
रुला कर उसे फिर हँसाना मुहब्बत

परेशान करना बिना बात उस को
परेशान कर फिर मनाना मुहब्बत
 
दिखाना कि नाराज़ उस से हूँ लेकिन
उसे देख कर मुस्कुराना मुहब्बत

उसे जीत जाता हूँ ख़ुद हार कर के 
कि है हार ही जीत जाना मुहब्बत 

ख़फ़ा तो हूँ पूरे ज़माने से लेकिन 
उसी एक पे हक़ जताना मुहब्बत

#अमित_अब्र
13-05-2022

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