ख़ूबसूरत ख़ुमार है यारों
इश्क़ दिल की पुकार है यारों
इश्क़ में मुब्तला जवाँ दिल पे
कब रहा इख़्तियार है यारों
और कुछ भी नहीं है इश्क़ फ़क़त
अपना ही इन्तिज़ार है यारों
हिज्र चुभता है दिल में काँटे सा
यार बिन ज़ीस्त ख़ार है यारों
करता तो बेक़रार है लेकिन
इश्क़ ही से क़रार है यारों
#अमित_अब्र
30-09-2022
No comments:
Post a Comment