Saturday, 29 October 2022

ख़ूबसूरत ख़ुमार है यारों

ख़ूबसूरत ख़ुमार है यारों
इश्क़ दिल की पुकार है यारों 

इश्क़ में मुब्तला जवाँ दिल पे 
कब रहा इख़्तियार है यारों

और कुछ भी नहीं है इश्क़ फ़क़त
अपना ही इन्तिज़ार है यारों

हिज्र चुभता है दिल में काँटे सा  
यार बिन ज़ीस्त ख़ार है यारों

करता तो बेक़रार है लेकिन
इश्क़ ही से क़रार है यारों

#अमित_अब्र 
30-09-2022

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