Tuesday, 21 December 2021

मुझे इश्क़ में वो सताकर गया

मुझे इश्क़ में वो सताकर गया
मिरे राज़ सबको बताकर गया


जो मंज़िल मिली मुंतज़िर ग़ैर की
मुसाफ़िर मुहब्बत छिपाकर गया


न थी साथ मेरे शहर की हवा
चराग़ों को सो मैं बुझाकर गया


मुहब्बत की दुनिया ये रौशन रहे

मैं जी इश्क़ में सो जलाकर गया


कहानी वो रौशन रही मुद्दतों

मुहब्बत मैं जिसमें निभाकर गया


#अमित_अब्र

No comments:

Post a Comment